( जितेन्द्र कुमार मौर्य  मधुपुर जनपद सोनभद्र )


सोनभद्र। बहुअरा मस्जिद से शुक्रवार को मुहर्रम के अवसर पर ताजियादारों ने अपने-अपने चौक से ताजिया निकालकर मस्जिद पहुंचे। इसके बाद मस्जिद से ताजिया जुलूस निकाला गया, जो रामलीला स्टेज सहित विभिन्न मार्गों से होकर गुजरा। जुलूस में बड़ी संख्या में मुस्लिम समुदाय के महिला, पुरुष और बच्चे शामिल हुए। आगे बढ़ते हुए जुलूस में भारी भीड़ उमड़ पड़ी। इस दौरान युवाओं ने पारंपरिक हैरतअंगेज करतब भी प्रस्तुत किए, जिन्हें देखने के लिए लोगों की भीड़ जुटी रही।


मुहर्रम इस्लामी कैलेंडर का पहला महीना और चार पवित्र महीनों में से एक माना जाता है। यह पर्व खुशी के रूप में नहीं, बल्कि पैगंबर हजरत मुहम्मद के नवासे इमाम हुसैन और कर्बला में शहीद हुए उनके 72 साथियों की याद में गम और मातम के रूप में मनाया जाता है।

बताया गया कि वर्ष 680 ईस्वी (61 हिजरी) में यजीद नामक शासक के अन्याय और अत्याचार के खिलाफ इमाम हुसैन ने सत्य, न्याय और इंसानियत की रक्षा के लिए संघर्ष किया। कर्बला के मैदान में उन्होंने और उनके साथियों ने भूखे-प्यासे रहकर भी अन्याय के सामने झुकने से इनकार किया और अंततः शहादत स्वीकार की। उनका बलिदान आज भी सत्य, न्याय और मानवता की रक्षा के लिए प्रेरणा देता है।

इस अवसर पर मुस्ताक अंसारी, राजू, सुहेल बाबा, सोनू, सरवर साबरी, सहित बड़ी संख्या में हिंदू और मुस्लिम समुदाय के लोग मौजूद रहे।

वहीं पूरे कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहा और जुलूस शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।