किसानों को मिली बहुत बड़ी सफलता। डीएम ने जारी किया लिखित पत्र।



रिपोर्ट - जितेन्द्र कुमार मौर्य जनपद सोनभद्र उत्तर प्रदेश।


सोनभद्र। जनपद के करमा ब्लाक अन्तर्गत ग्राम सभा लोहरा गुलरहवा, तकिया एवं बट्ट में एक हजार हेक्टेयर भूमि अधिग्रहण कर औद्योगिक गलियारा बनाने के उद्देश्य से चिन्हित की गयी भूमि को किसानों के भारी बिरोध के बाद जिलाधिकारी ने बैकल्पिक भूमि चिन्हित करने का आदेश मंगलवार को जारी कर दिया।  चिन्हित भूमि सिंचित एवं कृषि के उपयोग के लिये बेहतर होने के कारण किसानों ने भूमि बचाने के लिये जन आंदोलन खड़ा कर दिया था, जो समय बीतने के साथ और आक्रामक होता जा रहा था , सोमवार को किसानों से मिलने पहुंचे बिधायक डॉ अनिल कुमार मौर्य को किसानों से काफी तल्ख बहस हो गयी थी, उसी आश्वासन क्रम में आज सोनभद्र किसान संघर्ष समिति ने जिलाधिकारी से मुलाकात कर स्थिति से अवगत कराया और कृषि भूमि को छोड़ कर असिंचित एवं निष्प्रयोजन जमीन की तलाश शुरू हो गयी। 

 आपको बताते चलें कि किसानों और विधायक की एक टीम जिलाधिकारी से मिली और अपनी बात रखी। जिलाधिकारी सोनभद्र बद्रीनाथ द्वारा तत्काल इसे गंभीरता से लेते हुए पहले से बने प्रस्ताव को खारीज कर नये प्रस्ताव बनाने का लिखित पत्रक जारी कर दिए। इस दौरान सोनभद्र किसान संघर्ष समिति के अध्यक्ष मनोज कुशवाहा, वरिष्ठ उपाध्यक्ष डॉ रविशंकर सिंह, विधिक सलाहकार कमलेश सिंह (एडवोकेट), पिंटू उर्फ अजीत मौर्य, सचिन पटेल, घोरावल विधायक अनिल कुमार मौर्य, सुरेन्द्र मौर्य उपस्थित रहे। 

खबर मिलते ही आशंकित किसानों ने राहत की सांस ली है, संघर्ष समिति का कहना है की यह समिति कायम रहेगी और भविष्य में होने वाली इस प्रकार की किसी भी प्रयास के लिये लड़ाई के लिए तैयार रहेंगें। वहीं मुख्यालय से लौटने के बाद सोनभद्र किसान संघर्ष समिति के किसानों ने माल्यार्पण कर एक दूसरे का स्वागत किया और एक दूसरे को मिठाई खिलाकर बधाई दी गई। वहीं किसानों के अध्यक्ष मनोज कुशवाहा ने लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि आप सभी किसानों की एकजुटता और संघर्ष ही रंग लाई है। ऐसे ही आगे सभी संगठित रहें।

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